ब्लड प्रेशर: रोज़ की किन आदतों का असर पड़ता है?

Dr Kanhaiya KachhawaMBBS, MD (Psychiatry), Psychiatrist, Bikanerसमीक्षा: 1 नवंबर 2026
संक्षेप में
ब्लड प्रेशर खून की नलियों की दीवार पर पड़ने वाला दबाव है। नियमित व्यायाम, वजन पर नियंत्रण, कम नमक, तंबाकू और अल्कोहल से दूरी और अच्छी नींद इसे संभालने में मदद करते हैं। तनाव में भी BP बढ़ सकता है। BP की दवा अपने डॉक्टर से पूछे बिना बंद न करें।
ब्लड प्रेशर क्या है?
हार्ट एक पंप की तरह खून को नलियों में भेजता है। खून इन नलियों की दीवार पर जो दबाव डालता है, उसे ब्लड प्रेशर कहते हैं।
- सिस्टोलिक (ऊपर वाली संख्या): जब हार्ट सिकुड़कर खून आगे भेजता है।
- डायस्टोलिक (नीचे वाली संख्या): जब हार्ट रिलैक्स होता है।
120/80 को आम तौर पर संदर्भ के रूप में बताया जाता है। आपके लिए कौन-सा स्तर ठीक है, यह डॉक्टर आपकी उम्र और स्वास्थ्य देखकर बताते हैं।
कौन-सी आदतें मदद करती हैं?
- नियमित व्यायाम: वीडियो में रोज़ आधे से एक घंटे का व्यायाम बताया गया है। अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से पूछकर शुरू करें।
- वजन पर नियंत्रण: ज़्यादा वजन से शरीर में खून पहुँचाने के लिए ज़्यादा दबाव लग सकता है।
- कम नमक: ज़्यादा नमक से शरीर में पानी रुकता है और BP बढ़ सकता है।
- कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान: नलियाँ सँकरी होने पर BP बढ़ सकता है।
- तंबाकू और अल्कोहल से दूरी: ये नलियों को सिकोड़ सकते हैं।
- ज़्यादा कैफ़ीन से बचें: ज़्यादा कॉफ़ी से धड़कन और BP पर असर पड़ सकता है।
- पोटैशियम वाला आहार: केले जैसे फल मदद कर सकते हैं। किडनी की बीमारी में डॉक्टर से पूछें।
- अच्छी नींद: नींद का भी BP पर असर पड़ता है।
तनाव से BP क्यों बदलता है?
कई लोगों का BP तनाव की बात सुनने पर या डॉक्टर के कमरे में बढ़ जाता है। डॉक्टर के सामने बढ़ने वाले BP को व्हाइट कोट इफेक्ट कहते हैं। ऐसे में नेगेटिव विचारों और डर पर CBT से काम करना मदद कर सकता है।
सिर्फ़ उतार-चढ़ाव देखकर खुद यह तय न करें कि BP तनाव से है या नहीं। इसके लिए डॉक्टर से जाँच ज़रूरी है।
इस विषय पर वीडियो
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आगे क्या करें?
- CBT को चरण-दर-चरण सीखें: CBT Course
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- Dr. Kanhaiya से परामर्श लें: अपॉइंटमेंट के लिए 7737775617 पर कॉल करें।

