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कानों में घंटी या सीटी जैसी आवाज़: टिनिटस के कारण और इलाज

Dr Kanhaiya Kachhawa

Dr Kanhaiya KachhawaMBBS, MD (Psychiatry), Psychiatrist, Bikanerसमीक्षा: 1 नवंबर 2026

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संक्षेप में

बाहर कोई आवाज़ न होने पर भी कानों में घंटी, सीटी या कीड़े जैसी आवाज़ आना टिनिटस कहलाता है। इसके कारण कान, नसों, उम्र या एंग्ज़ायटी से जुड़े हो सकते हैं। इलाज कारण के अनुसार होता है, इसलिए पहले कान के डॉक्टर से जाँच करवाना ज़रूरी है।

हम कैसे सुनते हैं?

आवाज़ की तरंगें कान में पहुँचती हैं, और वहाँ इलेक्ट्रिकल और केमिकल संकेतों में बदल जाती हैं, जैसे पवनचक्की हवा को बिजली में बदलती है। ये संकेत नसों से होकर दिमाग के सुनने वाले हिस्से तक पहुँचते हैं।

आवाज़ का रास्ता
  1. बाहर से आवाज़ की तरंग
  2. कान में संकेतों में बदलना
  3. नसों से होकर जाना
  4. दिमाग में आवाज़ की पहचान

टिनिटस में इस रास्ते में बिना बाहरी आवाज़ के भी संकेत बनने लगते हैं।

टिनिटस के आम कारण

कौन-सी जाँच होती है?

कान के डॉक्टर कान की जाँच करके कारण देखते हैं। ज़रूरत होने पर सुनने की जाँच, विटामिन की जाँच और MRI जैसी जाँच भी बताई जा सकती है। इलाज उसी कारण के अनुसार होता है।

जाँच नॉर्मल है, फिर भी आवाज़ क्यों?

अगर जाँच नॉर्मल है, व्यस्त रहने पर आवाज़ कम लगती है और खाली बैठने पर बढ़ जाती है, और साथ में घबराहट या बेचैनी रहती है, तो एंग्ज़ायटी और डिप्रेशन की भूमिका देखनी चाहिए।

नेगेटिव विचारों से दिमाग तनाव में रहता है, जिसका असर ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम और सुनने के रास्ते पर पड़ सकता है। ज़रूरत होने पर डॉक्टर थोड़े समय के लिए दवा दे सकते हैं, और नेगेटिव पैटर्न बदलने में CBT का नियमित अभ्यास मदद करता है।

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