घर पर CBT डायरी कैसे लिखें: एक उदाहरण के साथ A, B, C, D, E

Dr Kanhaiya KachhawaMBBS, MD (Psychiatry), Psychiatrist, Bikanerसमीक्षा: 7 नवंबर 2026
संक्षेप में
CBT में किसी घटना के बाद मन में आए विचार को लिखकर परखा जाता है। डायरी के पाँच कॉलम इसमें मदद करते हैं: घटना, उससे जुड़ा विचार, उसका असर, विचार को परखना, और परखने के बाद का असर। रोज़ के छोटे अनुभवों पर बार-बार यह अभ्यास करने से सोचने का नया तरीका धीरे-धीरे आदत बनता है।
डायरी के पाँच कॉलम
- A (घटना): वह बात या स्थिति जिसके बाद विचार शुरू हुए।
- B (विचार): उस घटना के बारे में मन में क्या आया: अपने बारे में, दूसरों के बारे में।
- C (असर): उस विचार के बाद कैसा महसूस हुआ, शरीर में क्या हुआ, और आपने क्या किया।
- D (परखना): उस विचार का सबूत क्या है? क्या कोई और, ज़्यादा सही कारण हो सकता है?
- E (नया असर): परखने के बाद अब कैसा महसूस हो रहा है।
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