शरीर और हाथों में कंपन: कब इसका संबंध एंग्ज़ायटी से हो सकता है?

Dr Kanhaiya KachhawaMBBS, MD (Psychiatry), Psychiatrist, Bikanerसमीक्षा: 1 नवंबर 2026
संक्षेप में
कंपन के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए पहले जाँच ज़रूरी है। अगर जाँच नॉर्मल है और कंपन लोगों के बीच बढ़ता तथा आरामदायक माहौल में कम होता है, तो इसका संबंध एंग्ज़ायटी से हो सकता है। ऐसी स्थितियों से भागने के बजाय उन पर धीरे-धीरे काम करना मदद करता है।
यह कैसा महसूस होता है?
कुछ लोगों को गर्दन, हाथ या पैर में कंपन लगता है। कभी लगता है कि शरीर आगे-पीछे हो रहा है। आँख का फड़कना या कमर और गर्दन में खिंचाव भी हो सकता है। कभी यह सिर्फ़ व्यक्ति को महसूस होता है, और कभी दूसरों को भी दिखता है।
एंग्ज़ायटी में ऐसा अक्सर घर पर कम और लोगों के बीच ज़्यादा होता है। फिर मन में आता है कि कहीं लोग देख तो नहीं रहे, और इसे छिपाने की कोशिश में घबराहट बढ़ जाती है।
एंग्ज़ायटी से कंपन क्यों हो सकता है?
एंग्ज़ायटी में ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम अधिक सक्रिय हो जाता है, जिसका असर मांसपेशियों और शरीर के नियंत्रण पर पड़ सकता है।
- विचार: लोग मेरा कंपन देख लेंगे
- घबराहट
- कंपन का बढ़ना
- उस जगह से निकल जाना
- अगली बार पहले से डर लगना
बाहर जाने का नाम सुनते ही शुरू होने वाली घबराहट को एंटिसिपेटरी एंग्ज़ायटी कहते हैं।
क्या करें?
- धीरे-धीरे उस स्थिति में रुकें: एक साथ सब नहीं होता। वहाँ रुकने का समय धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
- रिलैक्सेशन करें: लंबी और गहरी साँस और मांसपेशियों को ढीला छोड़ने का अभ्यास मदद कर सकता है।
- नेगेटिव विचारों पर काम करें: CBT के नियमित अभ्यास से इन पैटर्न को बदला जा सकता है।
- ज़्यादा तकलीफ़ में डॉक्टर से मिलें: डॉक्टर थोड़े समय के लिए दवा भी दे सकते हैं।
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आगे क्या करें?
- CBT को चरण-दर-चरण सीखें: CBT Course
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