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घबराहट में मुँह से साँस लेने की आदत: जाँच के बाद क्या करें?

Dr Kanhaiya Kachhawa

Dr Kanhaiya KachhawaMBBS, MD (Psychiatry), Psychiatrist, Bikanerसमीक्षा: 1 नवंबर 2026

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संक्षेप में

एंग्ज़ायटी में बार-बार साँस खींचने और मुँह से साँस लेने की आदत बन सकती है, जिससे घबराहट बढ़ सकती है। डॉक्टर की जाँच के बाद नाक से सामान्य साँस लेने का अभ्यास और CBT मदद कर सकते हैं। तेज़ या नई तकलीफ़ में इस अभ्यास की जगह तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

यह आदत कैसे बनती है?

जाँच नॉर्मल होने पर भी कुछ लोगों को साँस अधूरी लगती है। वे सोच-सोचकर साँस लेते हैं, मुँह खोलते हैं या बार-बार उबासी लेते हैं। हर बार ध्यान साँस पर जाता है, और यह डर बढ़ता है कि साँस पूरी नहीं आ रही।

साँस का चक्र
  1. नेगेटिव बात या विचार
  2. घबराहट और साँस पर ध्यान
  3. साँस खींचना या मुँह से लेना
  4. राहत न मिलने पर और घबराहट

सब लोगों के बीच मुँह से साँस लेने की चिंता भी घबराहट बढ़ा सकती है।

जाँच के बाद क्या करें?

अगर ऐसा करने में बेचैनी बहुत बढ़े या तकलीफ़ बनी रहे, तो ज़बरदस्ती न करें और अपने डॉक्टर से बात करें।

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